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होर्मुज पर अमेरिका की पहरेदारी! ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी से बढ़ा तनाव, अब आगे क्या होगा?

 Published : Apr 13, 2026 08:28 am IST,  Updated : Apr 13, 2026 08:28 am IST

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड आज से ईरान के सभी प्रमुख बंदरगाहों के लिए समुद्री नाकाबंदी लागू करेगी। इससे एक बड़े टकराव की आशंका बढ़ गई है।

strait of hormuz- India TV Hindi
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज Image Source : AP

Iran-US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में बातचीत फेल हो जाने के बाद अब एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका ने ईरान के साथ वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की पहरेदारी का फैसला लिया है। अमेरिकी सेना ईरान पर समुद्री नाकेबंदी लागू करेगी। यूनाइटेड स्टेस्ट सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि 13 अप्रैल से ईरान के बंदरगाहों के के पास समुद्री नाकाबंदी (Maritime Blockade) लागू की जाएगी।  यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर उठाया जा रहा है। CENTCOM के मुताबिक समुद्री नाकाबंदी  ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में तथा उनके आसपास काम करने वाले सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगा।

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CENTCOM ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-"राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार, 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे ET (पूर्वी समय) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकेबंदी लागू करना शुरू कर देंगे।" 

किन जहाजों की आवाजाही पर लगेगी रोक?

CENTCOM ने आगे कहा, "यह नाकेबंदी ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में आने या वहां से जाने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से लागू की जाएगी, जिसमें अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं। हमारी सेनाएं उन जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता में कोई बाधा नहीं डालेंगी जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से होकर गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर या वहां से वापस आ-जा रहे हैं।"

सभी समुद्री जहाजों को दिए निर्देश 

अमेरिकी सेना ने सभी समुद्री जहाजों को निर्देश दिया है कि वे ‘Notice to Mariners’ प्रसारण पर नजर रखें और खाड़ी क्षेत्र में संचालन के दौरान अमेरिकी नौसेना से संपर्क बनाए रखें। ओमान की खाड़ी तथा Strait of Hormuz के प्रवेश मार्गों में काम करते समय 'ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16' पर अमेरिकी नौसेना बलों के साथ संपर्क बनाए रखें।

ईरान को झुकाने के लिए दबाव बना रहा अमेरिका?

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक रिपोर्ट शेयर की, जिसमें सुझाव दिया गया है कि पाकिस्तान में हालिया कूटनीतिक गतिरोध के बाद, समुद्री दबाव बनाना एक व्यावहारिक रणनीतिक विकल्प हो सकता है। इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का हवाला दिया गया है, जिन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना ईरान पर पूरी तरह से नाकेबंदी कर सकती है। उन्होंने फारस की खाड़ी में USS Gerald Ford और USS Abraham Lincoln की मौजूदगी का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये ऐसे संसाधन हैं जो इस जलमार्ग पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने में सक्षम हैं।

होर्मुज के जानलेवा भंवर में फंस जाओगे-IRGC

इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक कड़ी चेतावनी जारी की। IRGC ने चेतावनी दी कि इस समुद्री गलियारे में किसी भी तरह की आक्रामकता का जवाब ज़बरदस्त सैन्य बल के साथ दिया जाएगा। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि "कोई भी गलत कदम दुश्मन को होर्मुजके जानलेवा भंवरों में फंसा देगा।" IRGC ने कहा कि ईरानी सुरक्षा बलों का होर्मुज़ पर पूरी तरह से नियंत्रण है।

अब आगे क्या होगा?

अमेरिका आज ने समुद्री नाकाबंदी के जरिए ईरान के ऊपर दबाव बनाने की कोशिश करेगा कि वो घुटने टेक दे और उसकी शर्तें मान ले। लेकिन ईरान इतनी आसानी से अमेरिका के आगे घुटने टेकने वाला नहीं है। उसने सख्त चेतावनी भी दे दी है कि जो भी होर्मुज में आएगा वह उसकी भंवरों में को जाएगा। इससे हालात और बिगड़ सकते हैं। इस पूरे इलाके में भीषण युद्ध भड़क सकता है।

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